नौवीं पंचवर्षीय योजना 1997-2002 खण्ड - I विकास लक्ष्य, कार्यनीति और नीतियाँ
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Planning Commission
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भारत की आजादी के 50वें वर्ष में शुरु की गई नौवीं पंचवर्षीय योजना देश को नई शताब्दी में ले जाएगी. आजादी के पचास वर्षों में काफी प्रगाति हुई है. भारत के लोगों ने, अपनी विविधता के बावजूद राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने में निश्चय ही अपनी. योग्यता का प्रदर्शन किया है और एक क्रियाशील, संवेदनशील और अत्यंत अनेकवादी प्रजातंत्र के ढांचे के अन्दर विकास कार्य करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है । इस प्रकिया में प्रजातांत्रिक पद्धतियों ने अपनी जड़ें पक्की कर ली हैं और फली फूली हैं तथा चहुंमुखी विकास हुआ है. जैसे-जैसे वर्तमान शताब्दी समाप्ति पर है, समय आ गया है कि हम विकास के लिए, विशेष रुप से सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में विकास के लिए, अपने प्रयासों को तेज करें ताकि देश अपनी पूर्ण आर्थिक क्षमता प्राप्त कर सके और सर्वाधिक गरीब व कमजोर व्यक्ति भी अपने भाग्य को अबाध रुप से दिशा प्रदान कर सकें. इसके लिए न केवल उत्पादन और रोजगार की संवृद्धि की ऊंची दरें प्राप्त करनी होंगी बल्कि सामाजिक क्षेत्रकों पर बल देते हुए और निर्धनता उन्मूलन को प्राथमिकता प्रदान करते हुए चहुमुखी मानव विकास पर-भी विशेष बल देना होगा |
Description
भारत सरकार योजना आयोग
Keywords
Citation
Planning Commission - 1997
