ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा: विस्तार की समस्याएँ

dc.contributor.authorPlanning Commission
dc.date.accessioned2024-04-10T10:31:26Z
dc.date.available2024-04-10T10:31:26Z
dc.date.issued1964
dc.descriptionकार्यक्रम मूल्यांकन संगठन योजना आयोग भारत सरकार
dc.description.abstractतीसरी पंचवर्षीय योजना के प्रमुख लक्ष्यों में से एक लक्ष्य यह है कि "शिक्ष. के प्रसार के लिए प्रयत्न किए जायें और घर घर में शिक्षा पहुंचाई जाए जिससे भविष्य में शिक्ष। राष्ट्रीय जीबन के सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास का केन्द्र बन जाए।" 'तीसरी योजना में शिक्षा कार्यक्रमों पर बल देने के लिए योजना आयोग ने यह स्वीकार कर लिया कि "शिक्षा क्षेत्र में बड़ी कमियां हैं जिन्हें जल्दी ही दूर करना है, तभी प्रगति हो सकती है।" 'तीसरी योजना में सामान्य शिक्षा के क्षेत्र में जिन कार्यक्रमों पर विशेष बल दिया गया है, उनमें से सब से महत्वपूर्ण बात यह है कि 6-11 आयु वर्ग के सभी बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाों की व्यवस्था की जाए। इसमें भी लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसी पृष्ठ-भूमि में वर्तमान अध्ययन की योजना बनाई गई थी। योजना आयोग ने इस विकट समस्या को पहचाना और यह भी कि तीसरी योजना में राष्ट्र के सामने कितनी बड़ी समस्या है ।
dc.identifier.citationPlanning Commission - 1964
dc.identifier.issnFlipbook_000496
dc.identifier.urihttp://10.21.131.211/handle/123456789/3885
dc.identifier.urihttp://10.21.131.211:8080/eBook/Flipbook_000496/index.html
dc.language.isoother
dc.publisherPlanning Commission
dc.relation.ispartofseriesD-4-1206-C-3942; D-4-1206
dc.titleग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा: विस्तार की समस्याएँ
dc.title.alternativeकार्यक्रम मूल्यांकन संगठन योजना आयोग भारत सरकार
dc.typeReport

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ग्रामीण_क्षेत्रों_प्राथमिक_शिक्षा_विस्तार_समस्याएँ.pdf
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